प्रवीण बंजारे (जिला प्रतिनिधि)
गोरेला के ज्योतिपुर चौक से छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री माननीय अजीत जोगी जी की प्रतिमा को रात के अंधेरे में चोरी-छिपे उखाड़कर कचरे में फेंकने का जो नीच कृत्य हुआ, इससे पूरे क्षेत्रवासी आहत, दुखी और आक्रोशित है । इस घटना ने यह प्रमाणित कर दिया है कि राज्य में “दुशासन” निडर होकर अपराध करता है और “सुशासन” सरकारी फ़ाइलों और पेपर ऐड में सिमटा बैठा है । चौक से मूर्ति उखाड़ कर कचरे में फेंक दी जाती है और शासन-प्रशासन को भनक तक नहीं लगी । राज्य में “सुशासन तिहार नहीं बल्कि सुशासन बीमार” चल रहा है ।
क्षेत्र के लोग इस घटना से आहत हो कर सड़क पर उतर आए हैं, जब तक ससम्मान, माननीय अजीत जोगी जी की प्रतिमा को पुनः स्थापित नहीं किया जाता और दोषियों को नहीं पकड़ा जाता तब तक मैं आमरण अनशन करूँगा । “या तो जोगी जी की मूर्ति लगेगी या मेरी अर्थी उठेगी” ये अब सरकार को तय करना है ।
Author Profile

Latest entries
जांजगीर चाम्पाAugust 4, 2026शादी का झांसा देकर नाबालिग से अनाचार पामगढ़ पुलिस ने 05 दिन की भीतर में आरोपी को धर दबोचा
जांजगीर चाम्पाJuly 24, 2026चंद घंटे में खुलासा अकलतरा क्षेत्र में युवती से छेड़छाड़, मारपीट और लूट करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार आरोपियों के के कब्जे लूटी गई बाइक और 3 मोबाइल जब्त”
UncategorizedJune 12, 2026मानसून के पहले शिवरीनारायण में रेत माफिया फिर से हुए सक्रिय,
जांजगीर चाम्पाMay 22, 2026सुशासन तिहार में आवेदन लेकर पहुंचे भारतीय मानवाधिकार ट्रस्ट के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष माननीय सरयू प्रसाद पूरे जी

